1. दूध शाकाहारी है या मांसाहारी?
प्राचीन काल में दूध को white blood के नाम से जाना जाता था। लोगों का यह मानना था कि खून के जलने से दूध बनता है और साथ ही साथ उनका यह कहना था कि दूध जीवो के शरीर के अंदर बनता है इसलिए दूध मांसाहारी होता है। बात अगर वैज्ञानिकता की कि जाए तब वैज्ञानिकता के आधार पर दूध शाकाहारी है या मांसाहारी आइए जानते हैं।
वैज्ञानिक आधार पर दूध की वास्तविकता जानने के लिए यह जानना जरूरी है कि दूध में क्या क्या पाया जाता है। दरअसल दूध में कैल्शियम, प्रोटीन, आयोडीन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, विटामिन B2 और B12 होता है। लोगों को यह लगता है कि दूध में उपस्थित प्रोटीन की वजह से दूध मांसाहारी होता है। दूध में 82% कैसीन प्रोटीन और 18% सिरम पाया जाता है। दूध में पाया जाने वाला प्रोटीन किसी भी ऐसे प्रोटीन से नहीं मिलता जो दूध को मांसाहारी बनाएं।
बात अगर दूसरे कारण की कि जाए जहां कुछ लोगों का यह मानना है कि दूध किसी जीवित शरीर से निकलता है इसलिए यह मांसाहारी होता है। इसी बात को साबित करने के लिए University of Malaya में यह रिसर्च कर पाया कि जितने भी हमारे वेजिटेबल, flowers होते हैं वह भी जब तक पेड़ पौधों से जुड़े होते हैं तब तक सांस लेते हैं यहां तक कि वह भी हर चीज को feel करते हैं। इस हिसाब से फ्लावर्स वेजिटेबल्स भी नॉनवेज होने चाहिए पर ऐसा बिल्कुल नहीं होता और यही चीज दूध पर भी लागू होती है। अब आप जान गए होंगे दोस्तों की दूध शाकाहारी है या मांसाहारी।
2. कुआं को हमेशा गोल ही क्यों खोदा(बनाया) जाता है?
आपने हमेशा यह देखा होगा कि कुओं की आकृति हमेशा गोल होती है। अब यहां सवाल यह आता है कि कुओं को हमेशा गोल आकृति में ही क्यों खोदा जाता है, चौकोर या कोई अन्य आकृति में क्यों नहीं?
दरअसल दोस्तों कुओं को गोल आकृति बनाने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण है। प्राचीन काल में कुओं को मजदूर द्वारा हाथों से खोदा जाता था और मजदूर गड्ढे में उतर कर कुओं की खुदाई किया करते थे। अब इस स्थिति में अगर कुओं को चौकोर या अन्य कोनादार आकृति का खोदा जाता, तब यहाँ यह समस्या उत्पन्न होती थी कि चारों तरफ की दीवार खुदाई के दौरान झड़ने लगते थे और इसके पीछे का कारण यह था कि दीवारों पर समान दाब नहीं लग पाता था। इसी समस्या को देखते हुए प्राचीन काल में कुओं की खुदाई गोल आकृति से करना प्रारंभ किया गया।
बात अगर आधुनिक समय (वर्तमान) की कि जाए तो आज भी यही कांसेप्ट(concept) लगता है। दरअसल गोल आकृति में कॉन्क्रीट की पकड़ अच्छे से होती है। जो उस गोल आकृति को बनाए रखता है। इसी कारण को देखते हुए आज भी कुँए को गोल आकृति का बनाया जाता है। अब आप यह जान गए होंगे कि कुएँ को हमेशा गोली क्यों बनाया जाता है।
3. Sim Card कोने से क्यों कटा होता है?
आपने हमेशा से यह देखा होगा कि सिम कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है, पर आखिर ऐसा क्यों?
बात अगर मोबाइल फोन के शुरुआती दौर की कि जाए तो शुरुआत में ऐसे फोन होते थे जिसमें सिम कार्ड को निकाला ही नहीं जा सकता था या यूं कहें कि वैसे फोन में सिम कार्ड होते ही नहीं थे। साल दर साल टेक्नोलॉजी के बढ़ने से साल 1991 में यूरोप की एक कंपनी द्वारा सिम कार्ड को पूरी दुनिया के सामने लाया गया। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि शुरुआत में सिम कार्ड किसी भी कोने से नहीं काटा जाता था, जिससे लोगों को यह समझने में परेशानी होती थी कि सिम को मोबाइल में किस तरफ से डाला जाए। जिसकी वजह से कंपनी को कुछ ऐसे लोगों को बस इसी वजह से जॉब देना पड़ा ताकि वह लोगों को मोबाइल में सिम कार्ड इंसर्ट करना सिखा सके।
लेकिन यह पूरी तरह से प्रॉब्लम का solution नहीं था। ऐसी सब परेशानी को देखते हुए कंपनी ने सिम कार्ड के एक कोने को काटना शुरू कर दिया जिससे लोगों में यह समझ आसानी से हो गई कि सिम कार्ड को मोबाइल में कैसे insert करना है और आज हम सिम को देखते ही समझ जाते हैं कि सिम को मोबाइल में कैसे insert करना है।
बचपन हरा , बुढापा लाल।
टिप के परत मे बिगड़ गे हाल।।
उत्तर :- मिर्च
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